अंधकार के घोर तिमिर में हॅसने के बाद रुलाती है,
तन्हाई और गम है साथ ये जिंदगी भी तड़पाती है,
मेरी हालत भी मुझसे जलती और रूठ जाती है,
जब आइंस्टीन और न्यूटन संग याद तुम्हारी आती है।
अंधकार के घोर तिमिर में हॅसने के बाद रुलाती है,
तन्हाई और गम है साथ ये जिंदगी भी तड़पाती है,
मेरी हालत भी मुझसे जलती और रूठ जाती है,
जब आइंस्टीन और न्यूटन संग याद तुम्हारी आती है।
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