सफ़र लम्बा है दोस्त बनाते रहिये,
दिल मिले ना मिले हाथ बढ़ाते रहिये,
ताजमहल न बनाईये महंगा पड़ेगा,
मगर हर तरफ मुमताज़ बनाते रहिये।
सफ़र लम्बा है दोस्त बनाते रहिये,
दिल मिले ना मिले हाथ बढ़ाते रहिये,
ताजमहल न बनाईये महंगा पड़ेगा,
मगर हर तरफ मुमताज़ बनाते रहिये।
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