तारीफ के काबिल हम कहाँ,
चर्चा तो आपकी चलती है,
सब कुछ तो है आपके पास,
बस सींग और पूंछ की कमी खलती है।
तारीफ के काबिल हम कहाँ,
चर्चा तो आपकी चलती है,
सब कुछ तो है आपके पास,
बस सींग और पूंछ की कमी खलती है।
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